Monday, 30 November 2015

Sapno ko tod ke


BARISH KI BUND


Atmvishvas



 



                                    

इनकी मासूमियत में बनावट नहीं  
मेकअप की कोई सजावट नहीं 
ये गरीबी की  चादर हैं ओढ़े हुए 
बोझ सिर पे है फिर भी थकावट नहीं
इनके संघर्षो में भी मिलावट नहीं 
होंसलो में भी कोई रूकावट नहीं 
इनको मिलता है सब मुश्किलो से बहुत 
इनको मिलता कुछ भी फटाफट नहीं 
                                      शालिनी शर्मा 


Sunday, 29 November 2015

SHAYARI

तू जूही चमेली की सौगात है
मैं खुश हूँ कि तू मेरे साथ है 
तेरी दूरी मेरे लिये आघात है
मैं खुश हूँ कि हाँथो में तेरा हाथ है