इश्क़-ए-दरिया में गोते लगाना मगर , सोच करके इसे पार जाना भी है । ज़िंदगी शायरों की ग़ज़ल बन गई , हर क़दम पे इसे गुनगुनाना भी है।। अबतो शाया भी मुझसे लगा रूठने, शाम होते ही जानें कहाँ जाता है । यह ज़माने का जौहर हो या हो सितम, फिर से रूठे हुओं को मनाना भी है ।। शुक्रिया तुमको लख-लख मेरे हमसफ़र , छोड़ना हाथ से अब न पतवार को । तुम खिवैया हो जीवन की नैया के जब, पार कर लेंगे सागर की मझधार को।। **पथिक
Wednesday, 27 August 2014
Dahej ek abhishap
गीत
गुस्से में एक पागल ने फिर
पत्नी का सिर फोड़ दिया
कार दिला मायके वालो से
कह कर पीहर छोड़ दिया
सीधी सादी पत्नी पायी
हाड़ मास की गुड़िया सी
पर दहेज की बलि वेदी पर
दिखती है वो बुढ़िया सी
इक दहेज़ लोभी ने देखो
जीवन नरक में झोंक दिया
कारदिला मायके -----------------------
लालच की चिंगारी जब भी
जिस घर में जल जाती है
उस घर की बहुएं तो भइया
जीते जी मर जाती हैं
देखो दानव ने दहेज़ के
फिर इकफूल को रौंद दिया
कार दिला मायके ----------------------
शालिनी शर्मा
गुस्से में एक पागल ने फिर
पत्नी का सिर फोड़ दिया
कार दिला मायके वालो से
कह कर पीहर छोड़ दिया
सीधी सादी पत्नी पायी
हाड़ मास की गुड़िया सी
पर दहेज की बलि वेदी पर
दिखती है वो बुढ़िया सी
इक दहेज़ लोभी ने देखो
जीवन नरक में झोंक दिया
कारदिला मायके -----------------------
लालच की चिंगारी जब भी
जिस घर में जल जाती है
उस घर की बहुएं तो भइया
जीते जी मर जाती हैं
देखो दानव ने दहेज़ के
फिर इकफूल को रौंद दिया
कार दिला मायके ----------------------
शालिनी शर्मा
GEET
गीत
छोटे छोटे कदम बढ़ा के भी मंजिल मिल जाती है
तेज कदम चलने वालो को ठोकर भी लग जाती है
छोटे छोटे ----------------------------
साथ में मिल कर चलने से हर मुश्किल झिल जाती है
दिल की चोटे कटु शब्दों की बोली से छिल जाती है
छोटे छोटे-----------------------------
जो ना बात बने गुस्से से प्यार से वो बन जाती है
धरती रोती मेरी छाती खून से क्योँ सन जाती है
छोटे छोटे --------------------------------
शालिनी शर्मा
छोटे छोटे कदम बढ़ा के भी मंजिल मिल जाती है
तेज कदम चलने वालो को ठोकर भी लग जाती है
छोटे छोटे ----------------------------
साथ में मिल कर चलने से हर मुश्किल झिल जाती है
दिल की चोटे कटु शब्दों की बोली से छिल जाती है
छोटे छोटे-----------------------------
जो ना बात बने गुस्से से प्यार से वो बन जाती है
धरती रोती मेरी छाती खून से क्योँ सन जाती है
छोटे छोटे --------------------------------
शालिनी शर्मा
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