गीत
गुस्से में एक पागल ने फिर
पत्नी का सिर फोड़ दिया
कार दिला मायके वालो से
कह कर पीहर छोड़ दिया
सीधी सादी पत्नी पायी
हाड़ मास की गुड़िया सी
पर दहेज की बलि वेदी पर
दिखती है वो बुढ़िया सी
इक दहेज़ लोभी ने देखो
जीवन नरक में झोंक दिया
कारदिला मायके -----------------------
लालच की चिंगारी जब भी
जिस घर में जल जाती है
उस घर की बहुएं तो भइया
जीते जी मर जाती हैं
देखो दानव ने दहेज़ के
फिर इकफूल को रौंद दिया
कार दिला मायके ----------------------
शालिनी शर्मा
गुस्से में एक पागल ने फिर
पत्नी का सिर फोड़ दिया
कार दिला मायके वालो से
कह कर पीहर छोड़ दिया
सीधी सादी पत्नी पायी
हाड़ मास की गुड़िया सी
पर दहेज की बलि वेदी पर
दिखती है वो बुढ़िया सी
इक दहेज़ लोभी ने देखो
जीवन नरक में झोंक दिया
कारदिला मायके -----------------------
लालच की चिंगारी जब भी
जिस घर में जल जाती है
उस घर की बहुएं तो भइया
जीते जी मर जाती हैं
देखो दानव ने दहेज़ के
फिर इकफूल को रौंद दिया
कार दिला मायके ----------------------
शालिनी शर्मा
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