Friday, 25 March 2022

सच्ची वाणी भी देदो

    सरस्वती वन्दना 
सच्ची वाणी भी दे दो 
सभी गुण हमें दो 
अभी छीन लो मुझसे झूठ और अहंकार 
मगर मुझको लोटा दो सद्गुण की दौलत 
दू मां तेरी सेवा में जीवन गुजार 
    मेरे मन को छोटा  सा मन्दिर बनाना 
    हे माँ शारदे अपनी सेवा में लाना 
     मुझे देना विद्या और बुद्धि का दान 
     हर दम  रहे मेरा माँ में ही ध्यान 
ना कोई दुखी हो ना हो कोई बेबस 
दुखीजन को मिल जाये खुशिया हजार 
सच्ची वाणी ----------------
    कभी सत्य  कहने से ना हिचकिचायें 
    सदा प्रेम की ज्योत जग में जगायें 
    रहें हम विनम्र ,अहिंसक और त्यागी 
    दरश वीणा वाली दे कर अनुरागी 
रहूँ शारदे माँ मैं तेरी उपासक 
दे गीतों का पावन, सरस उपहार 
सच्ची वाणी ----------------
    सत्कर्म ,सत्संग  की राह  दिखा तू
    व्यवधान के कांटे राह से हटा तू
    सभी लोग कर्तव्य मन से निभायें 
    जग सारा ये ज्ञान से जगमगाये 
मिट जाये अज्ञानता की लकीरे  
खिला फूल खुशियों के ,मिटा अन्धकार 
                     शालिनी शर्मा   
  

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