Monday, 28 December 2015

PLEASE RESPECT WOMAN



   A GREAT PERSONALITY
 
घर तक में नारी ना सुरक्षित ,झूठे सब आश्वासन हैं 
घर  घर  में  पांचाली  है , घर  घर में   दुष्शासन    हैं

Thursday, 10 December 2015

ahsas

तेरे होने का इक अहसास ही मुस्कान लाता है 
नजर में तू ही तू ,दिल को भी बस तू तो भाता है 
मेरी हर बात में बस जिक्र तेरा ही तो होता है
तू आखिर कोन है जिसपे हमेशा प्यार आता है 
         कभी तू मुस्कुराता है ,कभी नखरे दिखाता है 
        कभी शबनम की बूंदे बन के ,नेह बूंदे गिराता है 
       तेरी परछाइयों से ,सायों से घर सवांरता है 
      कभी मरहम तू ,दर्दे दिल कभी खुद बन के आता है 
दिये की रोशनी है तू ,अंधेरो को हटाता है 
तू पूजा का वो मन्दिर है जो मन पावन बनाता है 
समुन्दर सा है गहरा तू ,घना तरुवर की छाया सा 
तू देके होंसला हरदम ,बिखरने से बचाता है 
                                   शालिनी शर्मा

 

Wednesday, 2 December 2015

Hope



तस्वीर सच की जब  दिखा रहा है आईना 
आँखों के आँसू तब  छिपा रहा है आईना 
कितने सुखी हैं सब बता रहा है आईना
 है कल सुनहरा अब दिखा रहा है आईना
                                 

                                                                        शालिनी शर्मा

 

Bij boya jahan


 
 
जहाँ बोया था बीज, वहाँ जड़ पनप रही है 
पैसा आते ही अकड़ पनप रही है 
जो कुछ भी नहीं वो धमकाने लगे 
क्योंकि सत्ता पे उनकी पकड़ पनप रही है 
                                      शालिनी शर्मा


Tasvir

तस्वीर का तस्वीर से मिलान कीजिये 
सम्मान का अजी यहां सम्मान कीजिये 
कुछ भी नहीं बदला चमन पहले सा है फूलों 
फिर से वही खुशबु वही मुस्कान दीजिये 
                                        शालिनी शर्मा

Tuesday, 1 December 2015

Kon ghoda

घोड़े को गधा ,गधे को घोड़ा सब समझते हैं 
है बोझ घोड़े पे उसूलों का वो नहीं दौड़ा सब समझते हैं 
रेस जिन्दा है गधो के दम पर यहाँ 
ये थोड़ा तुम भी ,हम भी थोड़ा सब समझते हैं 
                                                                                                       शालिनी शर्मा