घोड़े को गधा ,गधे को घोड़ा सब समझते हैं
है बोझ घोड़े पे उसूलों का वो नहीं दौड़ा सब समझते हैं
रेस जिन्दा है गधो के दम पर यहाँ
ये थोड़ा तुम भी ,हम भी थोड़ा सब समझते हैं
शालिनी शर्मा
है बोझ घोड़े पे उसूलों का वो नहीं दौड़ा सब समझते हैं
रेस जिन्दा है गधो के दम पर यहाँ
ये थोड़ा तुम भी ,हम भी थोड़ा सब समझते हैं
शालिनी शर्मा
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