सोना मेह्गां होता जाये
सजना कंगना ना दिलवाये
सखी सहेली लेकर आयें जब सोने की बाली
मन में टीस उठे सजना की जेब देख के खाली
गहने पहन के वो इतरायें
सोना महंगा ---------------
बात ना मानूं रूठ रूठ के मैं नखरे दिखलाऊं
गहने देख दुकानो पे मैं ठिठक ठिठक रुक जाऊं
अगले साल दिला दूंगा वो मुझको ये कह के बहलाये
सोना महंगा --------------
आलिंगन कर प्यार का कंगन सजना ने पहनाया
चूड़ी से सिंदूर से बिंदी से श्रंगार कराया
सजना तू ही गहना मेरा कंगना अब मोहे ना भाये
सोना महंगा ------------
पैर में पायल हो ,बिछवे हो और ना कुछ मैं चाहूं
साथ रहे जीवन भर सजना दुआ मैं यही मनाऊं
खुशियां सोने की बरसात तन और मन दोनों को भिगायें
सोना सस्ता चाहें हो जाये कंगना अब मोहे ना भाये
शालिनी शर्मा
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